Wednesday, December 14, 2016

देश में बदलेगी शिक्षा की तस्वीर : जावड़ेकर, 20 करोड़ की लागत से बनने वाले केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास पीएम के टीम इंडिया में छात्र शिक्षक, अभिभावक, प्रशासन शामिल

कौशल विकास के आधार पर शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदलने का संकल्प है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रणाली मानव जीवन के उन्नयन का संबल होती है, केंद्र का प्रयास उस दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम देने का है।
यह बातें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कही। वह मंगलवार को जिला मुख्यालय पर केंद्रीय विद्यालय भवन का शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम में कुछ कमियां थी, उन्हें संशोधन के माध्यम से दुरुस्त किया जा रहा है। बच्चों पर परीक्षा का बोझ लादना उद्देश्य नहीं, वरन उन्हें चुनौतियों से जूझने के लिए तैयार करना है।
आज 20 करोड़ की लागत से केंद्रीय विद्यालय का शिलान्यास किया है। 18 माह में जब यह बनकर तैयार होगा तो बुद्ध धरा की मेधा चमकदार भाग्य लिखने लगेगी। देश के 29 में से 26 राज्य कक्षा 5 और 8 में बोर्ड परीक्षा के लिए सहमत हो गए हैं, इसके लिए कानून में संशोधन भी करने जा रहे हैं। 1सीबीएसी में कक्षा 10 का बोर्ड एग्जाम होगा। प्रधानमंत्री की परिकल्पना में टीम इंडिया के स्वरूप में छात्र, शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन है। तीरन माह में लर्निंग आउट कम कोर्स सिस्टम लागू कर देंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि गरीबों की भलाई करने में प्रदेश सरकार नाकाम है।
केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में भी प्रदेश की सपा सरकार रुचि नहीं लेती है। केंद्रीय विद्यालय खुलने से यहां के बच्चों को शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा और जिस तरह भगवान बुद्ध के कारण इस धरती को पहचान मिली है उसी तरह यहां के बच्चे भी देश का नाम रोशन करेंगे। हर क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले चलने के लिए यहां के राजनीतिक माहौल को बदलना जरूरी है। यहां सत्ता परिवर्तन के साथ व्यवस्था परिवर्तन होना चाहिए। विश्वास है कि उत्तर प्रदेश की जनता इस बार भाजपा के पक्ष में जनादेश देकर परिवर्तन का लक्ष्य पूरा करेगी। जावड़ेकर ने नोटबंदी के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि काले धन पर प्रधानमंत्री ने गहरा चोट किया है। प्रधानमंत्री ने जनता से सिर्फ 50 दिन का सहयोग मांगा है, लेकिन हमें खुशी है कि जनता 60 दिन देने को तैयार है। समारोह को भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर।

Sunday, December 11, 2016

शिक्षक की भूमिका में आए बीएसए, बच्चों का शैक्षणिक स्तर से हुए प्रसन्न

कड़ाके की ठंड में वजन दिवस के निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अर¨वद कुमार पाठक ने सोचा, चलो कुछ स्कूल की हकीकत भी देख ली जाए। फिर क्या था वह भनवापुर विकास खण्ड अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय मंगराव पहुंच गए। सर्दी के बावजूद यहां की बेहतर व्यवस्था से वह काफी प्रभावित हुए और खुद शिक्षक की भूमिका में आकर ब्लैक बोर्ड पर चाक से लिखते हुए बच्चों को पढ़ाते हुए उनके शिक्षा की गुणवत्ता परखने की कोशिश की।
शनिवार को दिन में 11.40 बजे बीएसए ए के पाठक विद्यालय में पहुंचे। ठंड के बाद भी यहां 171 के सापेक्ष 109 छात्र-छात्रएं उपस्थित मिले। पहले भोजन की जांच की, ज्ञात हुआ कि मीनू के हिसाब से सब्जी-चावल बना हुआ है। शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वयं शिक्षक की भूमिका में आ गए।
कक्षा चार व पांच के छात्रों से कई सवाल पूछे, जिसका बच्चों ने सही उत्तर भी दिया। स्कूल की साज-सच्जा व बच्चों को ड्रेस सहित टाई-बेल्ट-परिचय पत्र के साथ देखकर प्रभावित भी हुए। प्रधानाध्यापक दुर्गेश मिश्र से कहा कि बधाई के पात्र हैं। न सिर्फ स्कूली की व्यवस्था अच्छी है, अपितु बच्चों का शैक्षणिक स्तर भी काफी बेहतर है।

सिद्धार्थनगर : 30 वर्षीय शिक्षिका की मौत, ठंड से मृत्यु की आशंका, सूचना पाते ही उमड़ पड़ा पूरा गांव

करीब तीन-साढे तीन साल का मासूम यश, जिसे कुछ खबर ही नहीं, उसकी मां इस दुनिया से गुजर चुकी है। वह तो कभी मां को देखता और कभी मम्मी कहकर पुकार उठता। हृदय विदारक इस दृश्य को देखते ही जो कोई वहां मौजूद रहा, सभी की आंखों से आंसू निकल पड़े। साथ में कार्यरत शिक्षिकाएं जैसे-तैसे बच्चे को ढांढस देकर बहलाने की कोशिश में लगी रहीं।1ये दृश्य शनिवार की सुबह डुमरियागंज स्थित टीचर कालोनी में दिखाई दिया। जहां 30 वर्षीय शिक्षिका मुक्ति त्रिपाठी की अचानक मौत हो गई। शिक्षिका अपने एकलौते बेटे यश के साथ यहां रहती थीं। 2015-16 में इनकी पहली तैनाती इस ब्लाक में हुई। सेमुआडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय में पो¨स्टग हुई तो यहीं किराए के मकान में रहने लगी। पति आनंद समेत परिवार के लोग जनपद औरैया के दिव्वापुर में रहते थे। बीच-बीच में पति यहां आते और फिर वापस लौट जाते। बताया जाता इस बार वह कहकर गए कि शनिवार को आएंगे, फिर दो दिन की छुट्टी हैं तो घर ले जाएंगे, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था, पत्नी को नहीं, हां उनका शव उन्हें यहां से ले जाना पड़ा।
मौत के बाद मासूम यश की स्थिति बड़ी कष्ट दायक दिखी। जिसकी भी नजर मासूम पर पड़ती, एक आह निकल जाती। वह तो यही समझ रहा था कि उनकी मां गहरी नींद में सो रही है, मम्मी कहकर वह कई बार जगाने का प्रयास भी करता रहा, इस बीच मृतक शिक्षिका के ही स्कूल में तैनात नीलम व वर्षा सक्सेना बच्चे को लेकर इधर-उधर ले जाकर बहलाने लगती, थोड़ी देर चुप रहता तो फिर वहीं भाग आता, जहां उसकी मम्मी की मौत की नींद में सो रही थीं।

Saturday, December 10, 2016

सिद्धार्थनगर में कार्यरत औरैया की शिक्षिका की ठण्ड लगने से मौत, 72825 भर्ती में हुआ था चयन

सिद्धार्थनगर में कार्यरत औरैया की निवासी एक शिक्षिका की ठण्ड लगने से मौत हो जाने का समाचार मिला है ।मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती मुक्ति त्रिपाठी को शनिवार को अचानक ठंड लगने से मौत हो गई । वह
डुमरियागंज मुख्यालय पर एक किराये के मकान में रह रही थीं ।मृतक मुक्ति त्रिपाठी औरैया जनपद की मूल निवासी थीं । उनका बेसिक शिक्षा परिषद के सहायक शिक्षक पद पर सिद्धार्थनगर में बीती जनवरी 2016 में चयन हुआ था । वर्तमान में वह डुमरियागँज ब्लाॅक के सेमुवाडीह प्राइमरी  स्कूल पर कार्यरत हैं । उनके चार वर्ष का एक पुत्र है ।उनकी मृत्यु से शिक्षकों मेे काफी शोक व्याप्त है । शिक्षक नेता नसीम अहमद, मिर्जा महबूब हसन, अष्ट भुजा पांडेय, मो० सलीम ,बशीर फारुकी,धर्म राज दूबे, मुश्ताक अहमद, राम मिलन, अहमद हुसैन , शजर हैदर रिज्वी, संतोष सिंहानिया आदि गहरा शोक प्रकट किया है ।

72825 बैच की डुमरियागंज विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमुआ डीह में तैनात सहायक अध्यापिका मुक्ति त्रिपाठी काआज सुबह ठंडक लगने से आकस्मिक निधन हो गया ।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इसदुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें ।